
लखनऊ। आबकारी विभाग में फर्जी जॉइंट डायरेक्टर के रूप में जोगिंदर सिंह नाम का एक व्यक्ति तैनात है जिसकी नियुक्ति से प्रमोशन तक सब कुछ रहस्य में है। कथित तौर पर इसकी नियुक्ति आबकारी विभाग में सांख्यिकी अधिकारी के रूप में हुई थी उसके बाद इसकी प्रोन्नति वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी सहायक निदेशक सांख्यिकी और उपनिदेशक सांख्यिकी तथा संयुक्त निदेशक सांख्यिकी के रूप में हो गई सबसे बड़ा सवाल या उठना है कि वर्तमान में केवल जोगिंदर सिंह जॉइंट डायरेक्टर के रूप में तैनात है बाकी उपनिदेशक सांख्यिकी सहायक निदेशक सांख्यिकी वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी और सांख्यिकी अधिकारी का ना कोई पोस्ट है और ना ही कोई तैनाती है ऐसे में जोगिंदर सिंह को सांख्यिकी अधिकारी से जॉइंट डायरेक्टर सांख्यिकी के पद पर तैनाती कैसे मिली यह अपने आप में बहुत बड़ा सवाल और रहस्य भी है। कहां जा रहा है कि जोगिंदर सिंह ने अपने आप को स्वयं प्रोन्नत कर लिया। फर्जी पत्र शासन का बनाकर और वित्त मंत्रालय से अनुमोदन ले लिया। यदि इस पूरे मामले की कभी भी जांच होगी तो वर्तमान प्रमुख सचिव के साथ-साथ पूर्व प्रमुख सचिव संजय और भूस रेड्डी कभी जेल जाना तय है।
फर्जी जॉइंट डायरेक्टर के कारनामे
फर्जी जॉइंट डायरेक्टर ने विभाग की फजीहत कराने के लिए डिस्टलरी fl2cl2 और अन्य लाइसेंसी से इंडेंट के रूप में जो धनराशि एडवांस अकाउंट में जमा कराई गई थी उसे विभाग की शुद्ध इनकम मानकर राजस्व में जोड़ दिया इसके बाद विभाग की फजीहत शुरू हो गई। समस्या यहां पर खड़ी हो गई है कि वर्तमान प्रमुख सचिव एडवांस अकाउंट को विभाग की आमदनी मानने को तैयार नहीं। मिली सूचना के मुताबिक 31 मार्च तक 50000 करोड़ का राजस्व लक्ष्य मिलन केवल आंकड़ों की हेरा फेरी हो सकता है जबकि वास्तविकता यह है कि विभाग को केवल 40000 करोड रुपए तक ही मिल सकता है।




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