
प्रयागराज। जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक रामकुमार को 13000 रुपए की रिश्वत लेते हुए मुंडेरा स्थित डिप्टी कार्यालय के पास से गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि रामकुमार के गिरफ्तारी मुंडेरा स्थित डिप्टी कार्यालय से हुई है।
शिकायतकर्ता श्री शिखर कुशवाहा पुत्र श्री विनोद कुशवाहा निवासी 87 पुष्पाजंली नगर भावपुर थाना करैली जनपद प्रयागराज के माँ के नाम वर्ष 2024-25 में संचालित देशी शराब की चौफटका प्रयागराज स्थित दुकान के लाइसेस न0 29817 की प्रतिभूति धनराशि वापस कराने के एवज में श्री राम कुमार सोनकर पुत्र स्व० राजाराम सोनकर निवासी ग्राम व पोस्ट गौसगंज मुसानगर थाना मुसानगर जनपद कानपुर देहात सम्प्रति कनिष्क सहायक कार्यालय उपायुक्त आबकारी मण्डल प्रयागराज द्वारा रिश्वत के रूप में रू0 13,000/- की मांग की गयी थी। जिसके क्रम में आज दिनांक 11.07.2025 को शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र पर कार्यवाही करते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन, उत्तर प्रदेश की प्रयागराज की टीम द्वारा आबकारी गोदाम के प्रथम तल जीने के सामने गैलरी से शिकायतकर्ता, लोकसेवक साक्षीगण व ट्रैप टीम के समक्ष रू0 13,000/- रिश्वत लेते हुए श्री राम कुमार सोनकर उपरोक्त रंगे हाथ गिरफ्तार कर थाना कैण्ट कमिश्रनरेट प्रयागराज पर विधिक कार्यवाही करते हुए अभियोग पंजीकृत कराया जा रहा है।
करेली निवासी शिखर कुशवाहा की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने रामकुमार को रिश्वत की 13000 रुपए की नगदी के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार कनिष्ठ सहायक को लेकर एंटी करप्शन टीम स्थानीय मुख्यालय पहुंची है जहां उससे गहन पूछताछ जारी है। आबकारी मुख्यालय में डिप्टी कार्मिक कार्यालय में और जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में लंबे समय से वसूली की खबरें आती रही हैं। रामकुमार की गिरफ्तारी के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि यह वसूली वह किसके लिए कर रहा था। रामकुमार जो की कनिष्ठ सहायक है वह स्वयं इस तरह की खुलेआम वसूली बिना उच्च अधिकारियों की मिली भगत के नहीं कर सकता था। डिप्टी आबकारी आयुक्त कार्यालय और गोदाम के पास रामकुमार ने रिश्वत क्यों मांगी क्या इसमें गोदाम और डिप्टी कार्यालय का भी कोई कनेक्शन है इसकी जांच की सख्त आवश्यकता है। फिलहाल एक और गिरफ्तारी से आबकारी विभाग बुरी तरह बदनाम हो रहा है।




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