
नई दिल्ली। जिस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के गिरफ्तारी की है उस घोटाले का मुख्य आरोपी इस समय भारतीय जनता पार्टी का सबसे खास है और पूरी घटना का मुख्य गवाह बन गया है यह सब कैसे हुआ अपने आप में बहुत बड़ा अजूबा है।
जानकारी के मुताबिक शराब घोटाले में सबसे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने अरविंदो फार्मा के शरद रेड्डी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के 5 दिन बाद अरविंदो फार्मा ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में इलेक्टोरल बांड खरीद कर दे दिया। जानकारी के मुताबिक 34 करोड रुपए का इलेक्टोरल बांड अरविंदो फार्मा ने भाजपा के पक्ष में खरीदा। इलेक्टोरल बांड भाजपा को देने के बाद शरद रेड्डी पर छाया संकट टल गया। प्रवर्तन निदेशालय ने उसे सरकारी गवाह बना दिया और उसके खिलाफ सभी प्रकार की कार्रवाई रोक दी। जी शरद रेड्डी ने पहले कहा कि वह अरविंद केजरीवाल को नहीं जानता बाद में उसी का बयान को आधार बनाकर मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को अभियोग पत्र में शामिल कर दिया।
आज यह मामला बहस और दलील में भी उठाया गया देखना है यह कितना प्रभावित कर सकता है।




More Stories
जहरीली शराब का कहर: ‘Royal Stag’ के लेबल में बिक रही थी मिलावटी शराब, 6 की मौत और 25 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती:
घुसपैठ नहीं रुकी, संख्या करोड़ों में पहुंच गई: सूर्यकांत केलकर
जौनपुर आबकारी विभाग में कथित रिश्वतखोरी का मामला: कोर्ट के आदेश पर निरीक्षक और सिपाही के खिलाफ FIR, अब तत्कालीन डिप्टी एक्साइज कमिश्नर की भूमिका पर भी उठे सवाल