
नई दिल्ली । Electoral Bonds: सुप्रीम कोर्ट की ओर से इलेक्टोरल बांड को असंवैधानिक करार देने से तीन दिन पहले ही वित्त मंत्रालय ने 10,000 बॉन्ड की छपाई को मंजूरी दी थी. मंत्रालय की ओर से एसपीएमसीआईएल (सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) को 1 करोड़ रुपये की मूल्य के 10,000 चुनावी बांड की छपाई के लिए अंतिम मंजूरी दे दी गई थी.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया कि वित्त मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के दो सप्ताह बाद 28 फरवरी को भारतीय स्टेट बैंक को इलेक्टोरल बांड की छपाई पर तुरंत रोक लगाने का निर्देश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी 2024 को चुनावी बॉन्ड को असंवैधानिक करार दिया था. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 10 हजार बॉन्ड की छपाई की मंजूरी 12 फरवरी 2024 को दी गई थी.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 27 फरवरी को वित्त मंत्रालय की ओर से एसबीआई और दूसरे लोगों को ईमेल भेजा गया था, जिसमें चुनावी बॉन्ड की छपाई पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था.




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