
प्रयागराज। प्रयागराज के आबकारी गोदाम पर तैनात एक इंस्पेक्टर का एक कारनामा चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि प्रयागराज के ईआईबी में तैनात एक सहायक अधिकारी आयुक्त ने ओवर रेटिंग और शराब तस्करी की शिकायत पर फूलपुर सर्कल की एक दुकान पर छापा मारा और और 35 पेटी से अधिक शराब बरामद की। बरामद की गई शराब स्कैन नहीं हुई और यह तय हो गया कि यह शराब नंबर दो की है और तस्करी के लिए लाई गई है इससे पहले की सहायक आबकारी आयुक्त कोई कार्रवाई कर पाते प्रयागराज के आबकारी गोदाम के प्रभारी निरीक्षक का फोन आया और उसने ईआईबी के सहायक आबकारी आयुक्त को जमकर हड़काया और तुरंत नंबर दो की पकड़ी गई शराब वही छोड़ने का निर्देश दिया। इतना ही नहीं ईआइबी पूर्वी जोन की जिम्मेदारी देख रहे दिलीप मणि त्रिपाठी ने भी छापेमारी करने वाले ईआईबी के सहायक आबकारी आयुक्त को जमकर धमकाया परिणाम स्वरूप कोई भी कार्रवाई आगे नहीं हो पाई। इस घटना के बाद प्रयागराज और आसपास के जनपदों में शराब माफिया के हौसले बुलंद हैं। जब आबकारी गोदाम का प्रभारी निरीक्षक स्वयं शराब तस्करी और ओवर रेटिंग में इंवॉल्व है तो फिर शराब तस्करी कैसे रुक सकती है। कहां जा रहा है कि सहायक अधिकारी आयुक्त ने अधिकारियों की धमकी वाली कॉल रिकॉर्ड कर लिया है और लोग दावा कर रहे हैं कि यदि सहायक आपकारी आयुक्त और प्रभारी गोदाम निरीक्षक की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली जाएगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी। इस बीच में यह भी जानकारी आई है कि लखनऊ के अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह ने भी प्रयागराज के आबकारी गोदाम के प्रभारी निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए विभागीय मंत्री से शिकायत की है।





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