
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के 600 से ज्यादा वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से एक पत्र लिखकर सर्वोच्च न्यायालय को कुछ पॉलिटिकल और प्रोफेशनल लोगों के दबाव में लाने की कोशिश का आरोप लगाया है।
पत्र में वकीलों ने आरोप लगाते हुए लिखा है, ”देश का एक ख़ास वर्ग है जो अदालत पर दबाव डालना चाहता है और इसकी स्वायत्तता कम करने की कोशिश में है. ख़ासतौर पर राजनीतिक लोगों से जुड़े मामले और भ्रष्टाचार से संबंधित केस में . वो अदालत पर लोगों का भरोसा कम करना चाहते हैं.”
पत्र लिखने वाले वकीलों में हरीश साल्वे, मनन कुमार मिश्रा, आदिश अग्रवाल, चेतन मित्तल, पिंकी आनंद, हितेश जैन, उज्ज्वला पवार, उदय होला और स्वरुपमा चतुर्वेदी जैसे बड़े नाम शामिल हैं.




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