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गाजियाबाद में शराब माफियाओं का खेल:        बोतल यूपी की शराब पंजाब हरियाणा और दिल्ली की:

डीईओ सहारनपुर काशीराम कॉलोनी से कर रहे खेल:

लखनऊ। गाजियाबाद में पंजाब हरियाणा और राजस्थान की शराब धड़ले से बिक रही है और सरकार को लाखों का चूना लग रहा है। सूत्रों ने दावा किया है कि गाजियाबाद जनपद के शराब बार में  बिना ड्यूटी चुकाए धड़ल्ले से शराब बिक रही है। बार मे  ओवर रेटिंग की भी शिकायत आ रही है। इतना ही नहीं एफ एल 1 लाइसेंस के जरिए  पर दुकान चलाने वाले शराब कारोबारी स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर यह खेल खेल रहे हैं।

कैसे हो रहा है खेल:

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हरियाणा और दिल्ली के शराब तस्कर प्रतिदिन 50 लख रुपए से अधिक मूल्य की देसी विदेशी और एक्सपोर्ट क्वालिटी शराब की तस्करी गाजियाबाद में करते हैं। इस खेल में fl1  तथा अधिकारियों की मिली भगत है। बताया जाता है कि बार में बिक्री बहुत कम दिखाई जाती है जबकि शराब बहुत ज्यादा बेची जाती है। इस बारे में सूत्र ने दावा किया है कि बार में ज्यादातर पलटी की शराब बेची जाती है। बताया जाता है कि बार में जो बोतल होती है वह उत्तर प्रदेश की किसी डिस्टलरी की ब्रांड होती है लेकिन बोतल के अंदर पंजाब और हरियाणा तथा दिल्ली की अवैध और नकली शराब भी होती है जिससे मोटी कमाई होती है।

Fl1 के माध्यम से होता है खेल:

ज्यादातर शराब माफियाओं के गाजियाबाद में blw एफ एल1 यानी बांड की दुकानें हैं। नियमानुसार इन दुकानों से बार या फुटकर लाइसेंस की दुकान को आपूर्ति नहीं की जानी चाहिए लेकिन यहां या खेल होता रहता है और अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते या यूं कहें कि अधिकारियों की जानकारी में ही होता है। बॉन्ड की दुकान पर  पंजाब हरियाणा और राजस्थान की अवैध और नकली शराब भी सप्लाई कर दी जाती है जिसके माध्यम से करोड़ों रुपए की काली कमाई हो रही है और इस कमाई का बड़ा हिस्सा अधिकारियों को भी मिलता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली स्थित कस्टम के वेयरहाउस से  सेटिंग करके बांड का गोदाम चलाने वाले कारोबारी अपने लाइसेंस पर लाखों रुपए का माल उठाते हैं और उसे गोदाम ना ले जाकर अवैध रूप से गाजियाबाद में सप्लाई करते हैं ज्यादातर सप्लाई बार में की जाती है। बार में यही शराब पार्टी का माल कहा जाता है जिससे मोटी कमाई होती है और उसका बड़ा हिस्सा विभाग के अधिकारियों को भी मिलता है।

जिला आबकारी अधिकारी सहारनपुर काशीराम कॉलोनी से कर रहे खेल:

इसी बीच में जिला आबकारी अधिकारी सहारनपुर महेंद्र प्रताप का कारनामा सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि वह शहर के काशीराम कॉलोनी में रहते हैं। यह जानकारी मिलने पर हैरानी हुई हैरानी इसलिए हुई क्योंकि काशीराम कॉलोनी कमजोर और निर्बल वर्ग के लोगों के लिए है ऐसे में जिला आबकारी अधिकारी की हैसियत वाला व्यक्ति काशीराम कॉलोनी में क्यों रहता है इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि जिला आबकारी अधिकारी यहीं से अपना खेल करते हैं और इस खेल में शराब का अवैध कारोबारी भी शामिल है। इस संबंध में डिप्टी एक्साइज कमिश्नर सहारनपुर सेवाराम उत्तम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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