
षड्यंत्रकारी गुट को करारा झटका, 7 साल बाद संगठन को नई पहचान
लखनऊ।
आबकारी निरीक्षक संघ की आज लखनऊ में आयोजित अहम बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से श्री खगेन्द्र सिंह वर्मा (आबकारी निरीक्षक, ऊँचाहार-रायबरेली) को अध्यक्ष चुन लिया गया। इस मौके पर संगठन की एकजुटता ने षड्यंत्रकारी गुट को करारा जवाब दिया।
नई कार्यकारिणी इस प्रकार है
- अध्यक्ष – श्री खगेन्द्र सिंह वर्मा, EI रायबरेली
- वरिष्ठ उपाध्यक्ष – श्री रोहन कुमार, EI प्रवर्तन बाँदा
- उपाध्यक्ष – श्री विजय राठी, EI लखनऊ
- महामंत्री – श्री मैथिलीशरण सिंह, EI प्रतापगढ़
- संयुक्त मंत्री – सुश्री स्तुति त्रिपाठी, EI कानपुर देहात
- संयुक्त मंत्री – श्री उमाशंकर चौधरी, EI बाराबंकी
- कोषाध्यक्ष – श्री विनय कुमार यादव, EI दौराला आसवनी मेरठ
- प्रकाशन मंत्री – श्री आयुष राय, EI प्रयागराज
- सम्प्रेक्षक – श्री शैलेंद्र कुमार तिवारी, EI थोक अनुज्ञापन प्रयागराज
षड्यंत्रकारी गुट हुआ बेनकाब
- गलीबाज छवि वाले निरीक्षक शैलेंद्र तिवारी को चुनाव में करारा झटका लगा।
- उन्होंने अपने उम्मीदवार राम श्याम त्रिपाठी को जिताने के लिए कमिश्नर के नाम का दुरुपयोग किया।
- नतीजा: निरीक्षकों ने उनकी चालों को नकारते हुए उन्हें बुरी तरह परास्त कर दिया।
- सूत्रों का कहना है कि तिवारी ने हर संभव कोशिश कर खगेन्द्र सिंह वर्मा को हराने की कोशिश की, लेकिन पूरी तरह विफल रहे।
अवध भूमि न्यूज़ को बनाया निशाना
- चुनावी प्रचार के दौरान शैलेंद्र तिवारी ने अवध भूमि न्यूज़ पोर्टल को भी निशाने पर लिया।
- उन्होंने कहा कि यदि उनका पैनल जीत हासिल करता है तो अवध भूमि न्यूज़ पर आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने के कारण एक्शन लिया जाएगा और पोर्टल को ब्लॉक कराया जाएगा।
- निरीक्षकों ने इसे सीधी धमकी और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला माना।
- तिवारी की यह हरकत भी उनके खिलाफ माहौल बनाने का कारण बनी।
कमिश्नर की पहल से संगठन को नई जान
- लगभग 7 साल बाद आबकारी निरीक्षक संघ सक्रिय हुआ।
- पहले के कमिश्नर इस संगठन को जानबूझकर निष्क्रिय बनाए रखते थे।
- मौजूदा कमिश्नर की ईमानदार कोशिशों से न सिर्फ संगठन को पुनर्जीवित किया गया बल्कि निरीक्षकों में विश्वास भी जगाया गया।
- निरीक्षक वर्ग खुले तौर पर कमिश्नर की सराहना कर रहा है।
नई कार्यकारिणी से बढ़ी उम्मीदें
- खगेन्द्र सिंह वर्मा के नेतृत्व में संगठन से सकारात्मक बदलाव की उम्मीद।
- निरीक्षकों का कहना है कि संगठन अब व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं बल्कि सामूहिक हितों की रक्षा करेगा।
- चुनाव परिणाम ने यह संदेश दिया कि षड्यंत्रकारी राजनीति और मीडिया विरोधी मानसिकता अब बेअसर है।




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