
लखनऊ। नई शराब पॉलिसी का साइड इफेक्ट दिखने लगा है। फुटकर कारोबार में हड़कंप है। कोटा खारिज करने के के लिए फुटकर दुकानदार मजबूर होकर लागत से कम दम पर शराब बेचने को मजबूर हो गए हैं। ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसमें दुकान के सामने दुकानदारों ने देसी और विदेशी मदिरा के दाम में कमी का बैनर लगा दिया गया है।

दुकानदारों को पव्वा पर मात्र ₹6 कमीशन मिलता है लेकिन कोटा उठाने के दबाव में उन्हें ₹14 घाटे में बेचना पड़ रहा है। इसी तरह एक बोतल पर दुकानदार को 24 रुपए मिलते हैं लेकिन विभाग के दबाव में उसे ₹26 घाटे में यानी ₹50 कम कीमत पर बेचना पड़ रहा है माना जा रहा है कि 31 मार्च तक बहुत से फुटकर कारोबारी इस नई आबकारी नीति से तबाह हो जाएंगे।




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