ठगे गए महिला स्वयं सहायता समूह:

प्रतापगढ़। हर घर तिरंगा अभियान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। प्रभारी डीसी एनआरएलएम अश्वनी सोनी ने महिला स्वयं सहायता समूहों से दबाव बनाकर तिरंगा खरीद के फंड का पैसा अपने नजदीकी फ़र्म को भुगतान करवा कर करोड़ों का गोलमाल किया है।
जबकि मिशन निदेशक दीपा रंजन ने 31 जुलाई 2024 के अपने पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया था कि किसी दशा में झंडा निर्माण का काम महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से किया जाए और किसी भी संस्था धर्म या ठेकेदार को इस प्रक्रिया में शामिल न किया जाए। प्रतापगढ़ में मिशन डायरेक्टर के निर्देशों की धज्जियाँ उडाते हुए प्रभारी डीसी एनआरएलएम अश्वनी सोनी ने बड़ा खेल कर दिया।


प्रतापगढ़ में 548106 तिरंगा महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से निर्मित करना था और इसकी खरीद होनी थी लेकिन प्रभारी डीसी एनआरएलएम ने बड़ा खेल कर दिया। एक भी तिरंगा यहां के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से नहीं बनवाए गए बल्कि तिरंगा बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूह को जो धनराशि शासन से मिली थी उस धनराशि को प्रभारी डीसी एनआरएलएम ने अपने नजदीकी फर्म के खाते में भुगतान करवा दिया रकम करोड़ों में बताई जा रही है।

तिरंगा घोटाले पर खामोश है जिलाधिकारी
हर घर तिरंगा अभियान जिलाधिकारी संजीव रंजन के नेतृत्व में चलाया गया और इसी अभियान में महा घोटाला होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होना इस कहानी को नई दिशा में ले जा रहा है।




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