आबकारी विभाग के छप्पर फाड़ कमाई:

लखनऊ। आबकारी मंत्री की जिद और लॉटरी की पॉलिसी विभाग का खजाना भर रही है। विभाग का छप्पर फाड़ कमाई हो रही है। मई महीने में ही निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष करीब 5000 करोड़ रुपए अधिक कमाई हुई है। आंकड़े को देखते हुए कहा जा सकता है कि इस बार आबकारी विभाग 60000 करोड़ की कमाई का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लेगा। यहां यह बताना जरूरी है कि विभागीय कमिश्नर और कुछ अधिकारी मंत्री की लॉटरी पॉलिसी का विरोध कर रहे थे और राजस्व कम होने की बात कर रहे थे लेकिन यहां मंत्री सही साबित हुए और विभाग के उन अधिकारियों को जिसमें कमिश्नर भी शामिल हैं झटका लगा है जिन्हें लगता था की लॉटरी पॉलिसी से विभाग का राजस्व घट जाएगा।
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि मई माह में आबकारी विभाग को 4,900 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष विभाग ने 111.25 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति की है। चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक 9,770.68 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, बिकी एवं तस्करी के कुल 19,800 अभियोग दर्ज किए गए हैं। साथ ही 5.47 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई है और अवैध शराब के कारोबार में लिप्त 3,681 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 716 व्यक्तियों को जेल भेजा गया है। शराब की तस्करी में लिप्त 27 वाहनों को जब्त किया गया। बरामद की गई शराब की कीमत 18.53 करोड़ रुपये है

आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि मई माह में आबकारी विभाग को 4,900 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष विभाग ने 111.25 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति की है। चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक 9,770.68 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है
विभाग के कुछ अधिकारियों की मिली भगत से शराब माफिया लॉटरी का विरोध कर रहे थे लेकिन मंत्री की जिद और दृढ़ता की वजह से उनकी एक नहीं चली और अब ऐसा लगता है कि यदि 2019 से लगातार लॉटरी की पॉलिसी जारी होती तो अभी तक विभाग का राजस्व आंकड़ा गरीब 80 हजार करोड़ के पार चला गया होता फिलहाल इस मामले में मंत्री नितिन अग्रवाल की तारीफ करनी चाहिए कि उन्होंने शराब माफियाओं के भारी भरकम सिंडिकेट पूंजी और राजनीतिक प्रभाव को दरकिनार रखते हुए आबकारी विभाग को राजस्व की दृष्टि से ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।




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