
📰 28 साल बाद राजा भइया का बड़ा खुलासा: “राजनाथ सिंह के कहने पर तोड़ी थी बसपा”
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में साल 1997 एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया था। कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री बनने और सरकार बनाने की उस पूरी कवायद के पीछे का सच अब सामने आया है। 28 साल बाद राजा भइया यानी कुंवर रघुराज प्रताप सिंह ने खुद यह खुलासा किया है कि उन्होंने राजनाथ सिंह के कहने पर बसपा (BSP) तोड़ी थी।
राजा भइया ने स्वीकार किया कि उस समय के हालात में उन्होंने विधायकों को तोड़ने की जिम्मेदारी निभाई और यही वजह थी कि कल्याण सिंह दोबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे। यही वह दौर था जब राजा भइया पहली बार मंत्री बने और सक्रिय रूप से राज्य की सत्ता के केंद्र में पहुंचे।
🔹 क्या कहा राजा भइया ने?
“राजनाथ सिंह ने मुझे यह दायित्व दिया था। मैंने वही किया जो मुझसे कहा गया,” राजा भइया ने साफ शब्दों में कहा। उनके इस बयान से तीन दशक पुराना वह राजनीतिक रहस्य उजागर हो गया, जिस पर अब तक सिर्फ अटकलें ही लगाई जाती थीं।
🔹 1997 का सियासी समीकरण
उस समय उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा और बसपा के बीच बार-बार गठबंधन और टूट की स्थितियां बन रही थीं। मायावती के इस्तीफे के बाद सत्ता का संकट खड़ा हुआ। तभी भाजपा ने कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री बनाने की रणनीति बनाई। सूत्रों के मुताबिक, बसपा विधायकों का समूह टूटने के बाद ही कल्याण सिंह को बहुमत साबित करने का मौका मिला और उनकी सरकार बन सकी।
🔹 राजनीतिक महत्व
राजा भइया के इस बयान ने आज की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं—
- क्या भाजपा की सत्ता वापसी का रास्ता तब बसपा को तोड़कर बनाया गया था?
- 1997 की वह चाल आज की राजनीति में कैसे देखी जाएगी?
- और सबसे अहम—राजा भइया ने इतने साल बाद यह खुलासा क्यों किया?
🔹 विश्लेषण
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बयान न सिर्फ इतिहास का पन्ना खोलता है, बल्कि मौजूदा सियासत में भी दूरगामी असर डाल सकता है। क्योंकि बसपा और भाजपा के रिश्तों को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं और अब राजा भइया की स्वीकारोक्ति ने उन आशंकाओं को पुख्ता कर दिया है।




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