
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के प्रमुख सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू चुनाव आयोग से नाराज हो गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा है कि मतदाताओं के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के अंतर्गत लोगों की नागरिकता का परीक्षण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तमाम लोगों में इसे को लेकर अनावश्यक डर का माहौल पैदा हो गया है। चंद्रबाबू नायडू का यह पत्र ऐसे समय में लिखा गया है जब बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का जमकर विरोध हो रहा है जिसका असर पूरे देश में और खास तौर पर आंध्र प्रदेश में देखने को मिल रहा है यहां आदिवासी दलित और अल्पसंख्यकों में विशेष तौर पर डर दिखाई दे रहा है। नीतीश कुमार हालांकि चुनाव आयोग के कदम का विरोध नहीं कर पाए लेकिन चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव आयोग की पहल का विरोध करते हुए केंद्र सरकार को भी संदेश दिया है कि अहम मुद्दों पर वह चुप नहीं रहेंगे। चंद्रबाबू नायडू के इस कदम से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर भी दबाव बनेगा।




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