
राज्य के आबकारी विभाग में मंगलवार को नियमित रूप से होने वाली साप्ताहिक बैठक अचानक स्थगित कर दी गई। इस बैठक के टलने से विभागीय हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। खास बात यह है कि अब तक नई आबकारी नीति भी जारी नहीं हो सकी है, जिससे पहले से ही असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर मंत्री नितिन अग्रवाल सख्त रुख अपनाए हुए हैं और “आर-पार” की कार्रवाई के मूड में बताए जा रहे हैं। ऐसे में बैठक का अचानक स्थगित होना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या किसी बड़े प्रशासनिक फैसले की तैयारी है, या फिर विभाग में अंदरूनी खींचतान इसका कारण है—इस पर फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से अधिकारी बच रहे हैं।
बैठक क्यों स्थगित की गई, इसका कोई स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आया है। विभाग की ओर से न तो कोई लिखित सूचना जारी की गई और न ही अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से स्थिति साफ की। इससे यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि आबकारी नीति, भ्रष्टाचार के मामलों और संभावित कार्रवाई को लेकर कोई बड़ा निर्णय जल्द सामने आ सकता है।
फिलहाल आबकारी विभाग में पसरा सन्नाटा और बैठक का टलना, दोनों ही संकेत दे रहे हैं कि पर्दे के पीछे कुछ अहम चल रहा है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि अगली बैठक कब होती है और उसमें क्या बड़े फैसले सामने आते हैं।




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