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प्रमोद तिवारी के पत्र के बाद हरकत में आया विदेश मंत्रालय: एस जयशंकर ने नाइजीरिया के उच्चायुक्त को नाइजीरिया में फंसे बंधको की मदद का दिया निर्देश: प्रतापगढ़ समेत देशभर के सैकड़ों लोग नाइजीरिया में फंसे हैं


लालगंज,प्रतापगढ़: नाइजेरिया में प्रतापगढ़ समेत यूपी के सैकड़ों बंधक बनाये गये भारतीय मजदूरों के सुरक्षित स्वदेश वापसी को लेकर राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी की पहल पर इन मजदूरों के परिवारों में बड़ी आस जगी है। सांसद प्रमोद तिवारी के भारतीय मजदूरों की वहां सुरक्षा को लेकर केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ0 एस जयशंकर को लिखे पत्र का असर यह हुआ है कि विदेश मं़त्रालय के निर्देश पर अबुजा में भारतीय उच्चायोग के अफसरों ने मजदूरों के कैम्प में पहुंचकर उन्हें भारत सरकार की ओर से उनकी देखभाल तथा सुरक्षा के बावत सभी कदम उठाये जाने का भरोसा भी दिलाया है। नाइजेरिया में मजदूरी के लिए एक कम्पनी की संविदा पर यूपी समेत बिहार, आन्ध्रप्रदेश, बंगला तथा झारखण्ड के लगभग एक सौ चालीस मजदूर गये हुए है। इनमें यूपी के प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना के महमदपुर दशियापुर निवासी रामललन सरोज भी मजदूरों के जत्थें में शामिल है। रामललन सरोज ने अपने परिजनों को फोन पर बताया कि उन्हें तथा अन्य भारतीय मजदूरो को जिस कम्पनी ने वहां मजदूरी के लिए संविदा पर भेेजवाया था। वह लापता हो गयी है। ऐसे में नाइजेरिया में हम सभी मजदूरों को बंधक बना लिया गया है और मजदूरों को न तो वेतन दिया जा रहा है और न ही खान पान का समुचित प्रबंध किया जा रहा है। भारतीय मजदूरो ंमें व्याप्त असुरक्षा को लेकर यहां रामललन के स्वजन चिंतित हो उठे ं। रामललन की रिश्तेदारी रामपुर खास के अंतू सीमावर्ती गांव में होने के कारण यह मामला राज्य सभा सदस्य प्रमोद तिवारी तक पहुंचा। राज्य सभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने मजदूरो की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार के विदेश मंत्री डॉ0 एस जयशंकर को दस मई को पत्र लिखा । प्रमोद तिवारी के पत्र को लेकर विदेश मंत्रालय फौरन हरकत में आया और नाइजेरिया के भारतीय उच्चायोग को मजदूरों से फौरन सम्पर्क साधने को कहा। विदेश मंत्री ने अठारह मई को सांसद प्रमोद तिवारी को उनकी चिट्ठी के जबाब में लिखे पत्र में यह भरोसा दिलाया कि नाइजेरिया में भारतीय कामगारों के रहन सहन और सुरक्षा तथा अन्य जरूरी बदोबस्त को लेकर अबुजा स्थिति भारतीय उच्चायोग को फौरन प्रभावी कदम उठाये जाने के निर्देश दिये गये है। विदेश मंत्री ने राज्यसभा विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी को यह भी पक्का भरोसा दिलाया है कि भारत सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता पर नाइजेरिया में फंसे देश के श्रमिकों के बकाये वेतन सुरक्षा और कल्याण के लिए सभी आवश्यक कदम शुरू कर चुकी है। नाइजेरिया में भारतीय मजदूरों के बीच भी स्थानीय रिश्तेदारों के द्वारा उन्हें यह जानकारी देने पर कि उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी को लेकर सांसद प्रमोद तिवारी लगातार भारत सरकार के सम्पर्क में है। मजदूरों में भी प्रमोद तिवारी के किये गये प्रयासों को लेकर सुकून बताया जाता है । वही प्रमोद तिवारी की इस बड़ी पहल को लेकर नाइजेरिया में फंसे भारतीय मजदूरों के परिवारों में भी इनकी सुरक्षा को लेकर आस जगी है। विदेश मंत्री के द्वारा सांसद प्रमोद तिवारी को लिखे पत्र की यहां रविवार को जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने बताया कि सांसद प्रमोद तिवारी मजदूरों की सुविधाओं व सुरक्षा को लेकर लगातार भारतीय विदेश मंत्रालय के सम्पर्क में बने हुए है। नाइजेरिया में यूपी के प्रतापगढ़ के अलावा पड़ोसी प्रयागराज के राजेश कुमार बस्ती के सद्दाम हुसैन, राकेश कुमार, अब्दुल कलीम समेत दस तथा देवरिया के सुरेश कुशवाहा, ताहिर अफजल, विपिन रावत, श्री प्रकाश यादव समेत आठ तथा गाजीपुर के प्रदीप चौहान, सिद्वार्थ नगर के कमल किशोर, सोनभद्र के विजय कुमार सिंह तथा बलिया के संजय प्रसाद समेत आधा दर्जन तथा सर्वाधिक कुशीनगर के पवन कुमार पटेल समेत उन्नीस व गोरखपुर के भूपेश कहार आदि मजदूर चेमिएटेक में शरण लिये हुए है। मजदूरों के परिजनों के मुताबिक सभी मजदूर किसी तरह सुरक्षित स्वदेश वापसी को आतुर है और इनके परिजन भी इनकी सुरक्षित वापसी को लेकर परेशान देखे जा रहे है।

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