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रंगबाजी से वसूल रहे थे  रिश्वत जीएसटी कमिश्नर :  सीबीआई ने भेजा जेल:

मेरठ में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग में रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मेरठ के मंगलपांडे नगर स्थित CGST रेंज-1 कार्यालय में छापेमारी करते हुए अधीक्षक संजय मीणा और कंप्यूटर ऑपरेटर यश शर्मा को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि दोनों पर एक कारोबारी की फाइल निस्तारित करने और शो-कॉज नोटिस निरस्त कराने के बदले छह हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार कंकरखेड़ा निवासी रोहित पाल, जो RP Wedding Studio संचालित करते हैं, को GST रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामले में विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने विभाग द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर जमा कर दिए थे और कई दिनों से अपने केस के निस्तारण के लिए CGST कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। इसी दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर यश शर्मा ने अधीक्षक संजय मीणा की ओर से छह हजार रुपये की मांग की।
पीड़ित रोहित पाल का आरोप है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया तो यश शर्मा ने खुलेआम धमकी दी कि “चाहे सरकार के पास जाओ या सीबीआई के पास, बिना छह हजार रुपये दिए काम नहीं होगा।” इतना ही नहीं, जब शिकायतकर्ता ने अधीक्षक संजय मीणा से इस बारे में बात की तो उन्होंने भी कथित रूप से ऑपरेटर की बात मानने को कहा। आरोप है कि विभाग के भीतर ऊपर से नीचे तक रिश्वतखोरी की सेटिंग बनी हुई थी और बिना सुविधा शुल्क के फाइल आगे नहीं बढ़ रही थी।
लगातार हो रही परेशानियों के बाद रोहित पाल ने सीबीआई की गाजियाबाद एंटी करप्शन शाखा से शिकायत की। सीबीआई ने मामले की प्राथमिक जांच की और आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद सीबीआई की टीम ने मेरठ पहुंचकर जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर यश शर्मा को अधीक्षक संजय मीणा की ओर से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। इसके तुरंत बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
सीबीआई की इस कार्रवाई से CGST कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। कई अधिकारी और कर्मचारी अचानक हुई कार्रवाई से सकते में आ गए। सूत्रों के अनुसार सीबीआई अब इस मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह मामला केवल छह हजार रुपये तक सीमित नहीं बल्कि विभाग में फैले बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
वहीं केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर मंडल प्रथम मेरठ के सहायक आयुक्त अरुण कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा कि सीबीआई ने अधीक्षक संजय मीणा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही विभाग को आधिकारिक सूचना प्राप्त होगी, अधीक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तार किया गया कंप्यूटर ऑपरेटर विभागीय कर्मचारी नहीं बताया जा रहा है।

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