
पटना। कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही उत्तर भारत की मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा अब नहीं रही। बिहार की यह सुमधुर आवाज अब कभी लाइव नहीं होगी। लगभग चार दशक तक शारदा सिन्हा के गाए गीतों के बिना उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और बिहार से लेकर झारखंड तक किसी भी परिवार में मांगलिक कार्यक्रम संपन्न ही नहीं होते थ। शादी ब्याह के गीत हो या अन्य लोकगीत उन्हें शोहरत तभी मिली जब शारदा सिन्हा ने ऐसे गीतों को अपने सुरों में पिरोया।
पूर्वांचल और बिहार में इस समय गंगा किनारे छठ के गीत शारदा सिन्हा के स्वर में गूंज रहे हैं वही आज उनके गीतों को सुनकर उनके फैन की आंखों में आंसू बह रहे हैं। अवध भूमि न्यूज़ परिवार भी इस महान लोक गायिका को अपना श्रद्धा सुमन अर्पित करता है🌷🌺💐😢




More Stories
जहरीली शराब का कहर: ‘Royal Stag’ के लेबल में बिक रही थी मिलावटी शराब, 6 की मौत और 25 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती:
घुसपैठ नहीं रुकी, संख्या करोड़ों में पहुंच गई: सूर्यकांत केलकर
जौनपुर आबकारी विभाग में कथित रिश्वतखोरी का मामला: कोर्ट के आदेश पर निरीक्षक और सिपाही के खिलाफ FIR, अब तत्कालीन डिप्टी एक्साइज कमिश्नर की भूमिका पर भी उठे सवाल