
शराब उत्पादन का सबसे बड़ा निर्यातक बनेगा उत्तर प्रदेश:

लखनऊ। विभागीय मंत्री नितिन अग्रवाल प्रमुख सचिव और एडिशनल कमिश्नर का प्रयास रंग लाने लगा है। उत्तर प्रदेश में अनाज और फलों से डिस्टलरी और बाइनरी स्थापित होने से जहां अनाज तथा फल उत्पादक किसानों में उम्मीद की किरण जगी है वहीं उत्तर प्रदेश जो शराब की जरूरत के लिए अन्य प्रदेशों या देश से आयात पर निर्भर था अब शराब उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। बहुत सी शराब कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश किया है और यूपीएमएल की यूनिट स्थापित हो रही है। सरकार का प्रयास है कि हर जनपद में कोई वाइनरी या डिस्टलरी स्थापित हो । बाइनरी और डिस्टलरी से बनने वाली शराब शरीर को नुकसान भी नहीं पहुंचती और जरूरत भी पूरा करती है। फलों से शराब बनाने की वाइनरी लखनऊ और मुजफ्फरनगर में स्थापित हो रही है। इस संबंध में 9 जुलाई को नई डिक्शनरी और वाईनरी स्थापित करने के लिए इन्वेस्टर समिट का आयोजन लखनऊ में किया गया है। हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट फाइनल होने की उम्मीद की जा रही है। निश्चित रूप से इसका श्रेय प्रमुख सचिव और एडिशनल कमिश्नर प्रशासन को मिलना चाहिए जो विभागीय मंत्री के निर्देशन में आबकारी विभाग को सकारात्मक रूप से नई ऊंचाई पर ले जा रहे है।




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