शुरू हुई विभागीय जांच:

लखनऊ। प्रतापगढ़ में तैनाती के दौरान अपने भ्रष्टाचार अनियमितता और अराजकता के लिए चर्चा में रहे आलोक सिन्हा भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में सस्पेंड हुए हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक प्रयागराज जनपद में उन्होंने अपनी तैनाती के दौरान मृतक आश्रित कोटे में एक सफाई कर्मचारी की नियुक्ति अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कर दी। इस प्रकरण की जांच उपनिदेशक पंचायत द्वारा की गई जिसमें उन्हें पद का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया। इसके अलावा ट्रांसफर पोस्टिंग और बिना टेंडर लाखों का वर्क आर्डर देने के मामले में भी उन्हें सीधा दोषी पाया गया जिसके आधार पर निलंबित कर दिया गया और निलंबन अवधि के दौरान वह पंचायती राज निदेशालय से संबंध रहेंगे।





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