विधानसभा में गरजे राजा भैया:

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में निर्दलीय विधायक राजा भैया ने धार्मिक स्थलों पर सरकारी नियंत्रण को लेकर जोरदार बयान दिया। उन्होंने कहा कि मंदिरों में होने वाले चढ़ावे का पैसा सरकार वसूल रही है, जो धार्मिक स्वतंत्रता और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उनका कहना था कि मंदिरों की आय का उपयोग सीधे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में होना चाहिए, न कि सरकारी खजाने में।
राजा भैया का यह बयान योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर अप्रत्यक्ष निशाने के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, “सरकार का काम श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि मंदिरों के चढ़ावे पर अधिकार जमाना।”
हालांकि, इसी दौरान उन्होंने योगी सरकार की कुंभ आयोजन की व्यवस्थाओं की खुलकर प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान की गई सुविधाएं और व्यवस्थाएं अभूतपूर्व थीं और उसकी सराहना पूरे देश में हो रही है।
राजा भैया का यह रुख एक ओर सरकार पर धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाता है, तो दूसरी ओर उनकी प्रशासनिक उपलब्धियों को मान्यता भी देता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की सियासत में मंदिर प्रबंधन के मुद्दे को केंद्र में ला सकता है।




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