छठे और सातवें चरण के चुनाव को प्रभावित करने के लिए टीवी चैनलों पर दे रहे हैं इंटरव्यू

नई दिल्ली। पांच चरणों के चुनाव का फीडबैक मिलने के बाद बीजेपी एक बार फिर सक्रिय हो गई है और चुनाव मैनेजमेंट विशेषज्ञ प्रशांत किशोर और उनकी टीम की सेवाएं ले रही है। अटकलें तो इस बात की भी है कि प्रशांत किशोर बीजेपी का हिस्सा बन गए हैं हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हो रही है।
कहां जा रहा है कि प्रशांत किशोर की भाजपा से डील हो गई है जिसके तहत वह छठे और सातवें चरण के चुनाव से पहले भाजपा की हवा बताने में जुटे हैं। हालांकि प्रशांत किशोर की राय से भारतीय जनता पार्टी के ही कई नेता सहमत नहीं है फिर भी प्रशांत किशोर सरकार समर्थक मीडिया को एक के बाद एक इंटरव्यू दिए जा रहे हैं।
कर्नाटक हिमाचल और तेलंगाना में गलत साबित हुई प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी:
प्रशांत किशोर कई पार्टियों के लिए चुनाव प्रबंधन का कार्य संभाल चुके हैं लेकिन हिमाचल कर्नाटक और तेलंगाना में उनकी भविष्यवाणी पूरी तरह गलत साबित हुई यहां पर उन्होंने भाजपा सरकार की वापसी का दावा किया था जो पूरी तरह गलत साबित हो गया।
कांग्रेस पार्टी ने नहीं दी तवज्जो:
कहां जा रहा है कि वह कांग्रेस में बड़े ओहदे के साथ जुड़ना चाहते थे लेकिन कांग्रेस ने उन्हें चुनाव प्रबंधन के अलावा और कोई दायित्व देने से शासनकाल कर दिया था जिसकी वजह से वह कांग्रेस से नाराज हो गए और कई मौके पर कांग्रेस और राहुल गांधी की खुलकर आलोचना करने लगे।




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