रेडिको खेतान और वेब ग्रुप को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से चुनौती:

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रेडीको वेव ग्रुप के वर्चस्व को तोड़ने के लिए अगर उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मैदान में आ जाए तो कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। आबकारी नीति घोषित होने में लगभग एक महीने का विलंब हो गया है और इस विलंब का कारण भी यही बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक इंटरनेशनल स्पिरिट एंड वाइन एशोसिएशन (ISWAI) उत्तर प्रदेश में अपने अंतरराष्ट्रीय उत्पादों के साथ मार्केट में उतर सकता है। यह खबर जहां यूपी के बड़े शराब कारोबारी के लिए चुनौती पैदा करने वाली है वही शराब के शौकीनों के लिए खुशखबरी है जो ऐसे ब्रांड को दुकानों से केवल इसलिए नहीं खरीद पा रहे थे क्योंकि अधिकतर गोदाम पर वेब ग्रुप और उससे जुड़े लोगों का ही कब्जा है। चर्चा यहां भी हो रही है कि fl2 से एफ एल 1 तक अंतर्राष्ट्रीय शराब कारोबारी के उत्पादों का जलजला देखने को मिल सकता है। इस आशंका को बोल उस समय मिला जब यह खबर चर्चा में आई कि इस बार बीयर और विदेशी मदिरा की दुकान अलग-अलग नहीं होगी बल्कि इन्हें आपस में मर्ज कर दिया जाएगा। अभी तक ऐसी चर्चाओं को विराम नहीं मिला है।
देसी शराब की दुकानों का होगा नवीनीकरण:
चर्चा हो रही है कि प्रदेश भर की देसी शराब की फुटकर दुकानों का नवीनीकरण करने की तैयारी है।
फिलहाल अभी एक सप्ताह तक शराब नीति घोषित होने की उम्मीद नहीं है।




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