
नगर निगम के टैक्स के खिलाफ शराब कम्पोजिट शॉप संचालकों का विरोध, आयुक्त से वसूली रोकने की मांग
शहर में शराब की कम्पोजिट शॉप पर लगाए जा रहे नगर निगम टैक्स को लेकर लाइसेंसधारकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस संबंध में कम्पोजिट शॉप संचालकों ने नगर आयुक्त को एक औपचारिक आवेदन देकर नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत लगाए जा रहे टैक्स का विरोध दर्ज कराया है।
आवेदन में संचालकों ने स्पष्ट किया है कि कम्पोजिट शॉप पहले से ही राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आबकारी शुल्क, लाइसेंस फीस एवं अन्य वैधानिक करों का भुगतान कर रही हैं। ऐसे में नगर निगम द्वारा अतिरिक्त टैक्स लगाया जाना न केवल नियमों की भावना के विपरीत है, बल्कि इससे व्यापार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
लाइसेंसधारकों का कहना है कि लगातार बढ़ते करों और शुल्कों के कारण कारोबार संचालन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश और वैधानिक स्थिति स्पष्ट किए नगर निगम द्वारा टैक्स की वसूली की जा रही है, जो न्यायसंगत नहीं है।
शराब कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त से मांग की है कि टैक्स की दरों और उसकी वैधानिकता पर पुनर्विचार किया जाए तथा जब तक इस विषय में कोई स्पष्ट और अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक टैक्स वसूली पर रोक लगाई जाए। साथ ही, उन्होंने नगर निगम प्रशासन से व्यापारियों और लाइसेंसधारकों के साथ संवाद कर किसी व्यवहारिक और न्यायोचित समाधान पर पहुंचने की अपील की है।
इस मामले को लेकर नगर निगम प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यदि टैक्स वसूली पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में शराब कम्पोजिट शॉप संचालक सामूहिक रूप से आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते




More Stories
प्रयागराज आबकारी विभाग में ‘मॉडल शॉप बनाम कंपोजिट दुकान’ विवाद, नियमों की अनदेखी के आरोप:
मनरेगा में मैटेरियल भुगतान पर GST गड़बड़ी! प्रतापगढ़ के कई ब्लॉकों में टैक्स में बड़ा अंतर उजागर:
UP संस्कृति विभाग घिरा: पोस्टिंग, भुगतान और खर्च में गड़बड़ी के आरोप: