एनआरसी पूरे देश में लागू करने, घुसपैठियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई और जनसंख्या नियंत्रण…
एनआरसी पूरे देश में लागू करने, घुसपैठियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की वकालत
गुरुग्राम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक एवं भारत रक्षा मंच के संयोजक सूर्यकांत केलकर ने कहा कि देश में अवैध घुसपैठ की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उनका दावा है कि घुसपैठियों की संख्या करोड़ों तक पहुंच चुकी है, इसलिए इस चुनौती से निपटने के लिए पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू किया जाना चाहिए।
गुरुग्राम में भारत रक्षा मंच के प्रांतीय कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एनआरसी लागू होने से राज्य सरकारों को अपने-अपने क्षेत्रों में रह रहे अवैध घुसपैठियों की पहचान करने में आसानी होगी और वास्तविक नागरिकों को नागरिकता का प्रमाण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
सूर्यकांत केलकर ने कहा कि देश के कई हिस्सों में अवैध घुसपैठियों की बस्तियां लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जहां-जहां बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठ हुई है, वहां अपराध और अन्य सामाजिक चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए हैं, लेकिन अभी और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि घुसपैठियों और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ कड़े दंडात्मक कानून बनाए जाएं। साथ ही, जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने और पूरे देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की भी आवश्यकता बताई।
केलकर ने यह भी कहा कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को उनके मूल देश वापस भेजने के लिए आवश्यक होने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहल की जानी चाहिए।
कार्यक्रम में भारत रक्षा मंच और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान संगठन के विस्तार, राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और नागरिकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई।
नोट: इस खबर में घुसपैठियों की संख्या और अन्य दावे सूर्यकांत केलकर द्वारा कार्यक्रम में दिए गए वक्तव्य पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
गोरक्ष प्रांत की बैठक लेते हुए भारत रक्षा मंच के प्रांतीय अध्यक्ष पंकज सिंह श्रीनेत्र
भारत रक्षा मंच 14 अगस्त 2026 को मनाएगा ‘विभाजन विभीषिका दिवस’, देशभर में होंगे कार्यक्रम
लखनऊ। भारत रक्षा मंच ने 14 अगस्त 2026 को पूरे देश में ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ मनाने का निर्णय लिया है। संगठन ने अपनी सभी प्रांतीय एवं जिला इकाइयों को निर्देश जारी करते हुए इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, हिंसा और मानवीय त्रासदी को स्मरण करना तथा नई पीढ़ी को उस इतिहास से अवगत कराना बताया गया है।
संगठन के अनुसार, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में जिला स्तर पर श्रद्धांजलि सभाएं, संगोष्ठियां, विचार गोष्ठियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारत रक्षा मंच ने सभी जिला इकाइयों से अपने-अपने क्षेत्र में कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर समय, स्थान और आयोजन की सूचना प्रांतीय नेतृत्व को उपलब्ध कराने को कहा है।
भारत रक्षा मंच का कहना है कि विभाजन की पीड़ा केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की स्मृतियों से जुड़ा एक संवेदनशील विषय है। ऐसे में इस दिवस का आयोजन उन लोगों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिन्होंने विभाजन के दौरान अपने परिजनों, घर-बार और आजीविका को खोया।
कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य
विभाजन की विभीषिका के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करना।
नई पीढ़ी को विभाजन के इतिहास और उसके दुष्परिणामों से परिचित कराना।
समाज में राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना।
विभाजन पीड़ित परिवारों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करना।
भारत रक्षा मंच ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि 14 अगस्त को आयोजित कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि इतिहास की इस त्रासदी से समाज सीख ले सके और राष्ट्रीय एकता को और सशक्त बनाया जा सके।
संगठन के क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन किसी प्रकार के वैमनस्य को बढ़ावा देने के लिए नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेते हुए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और पीड़ितों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से किया जाएगा।
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