
देवीपाटन मंडल के डिप्टी एक्साइज कमिश्नर आलोक कुमार पर विभागीय कार्रवाई के आदेश, कई मामलों की जांच के संकेत
लखनऊ/देवीपाटन। आबकारी विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब देवीपाटन मंडल के डिप्टी एक्साइज कमिश्नर आलोक कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और जांच के आदेश दिए जाने की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि बीते मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव आबकारी ने राजस्व, कार्यप्रणाली और विभागीय गतिविधियों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी।
सूत्रों के मुताबिक समीक्षा बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों और जमीनी स्थिति में भारी अंतर पाए जाने पर प्रमुख सचिव ने कड़ा रुख अपनाया। बैठक में कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी यह भी सामने आ रही है कि केवल राजस्व समीक्षा ही नहीं, बल्कि मंडल में बीते कुछ महीनों के दौरान हुए कई प्रशासनिक और प्रवर्तन संबंधी मामलों की भी जांच शुरू हो सकती है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कुछ मामलों में रिपोर्ट, कार्रवाई और धरातलीय स्थिति के बीच अंतर की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं।
प्रमुख सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद अब विभागीय स्तर पर फाइलों का परीक्षण शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि कई पुराने प्रकरण भी दोबारा खोले जा सकते हैं। यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की आंच पहुंच सकती है।
सूत्रों की मानें तो समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली, प्रवर्तन कार्रवाई, अवैध शराब के खिलाफ अभियान और रिपोर्टिंग प्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। इसके बाद से मंडलीय स्तर के अधिकारियों में बेचैनी बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार प्रमुख सचिव आबकारी ने इस कार्रवाई को केवल चेतावनी तक सीमित न रखते हुए इसे मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं। बताया जा रहा है कि विभागीय अभिलेखों में दर्ज होने के बाद भविष्य में होने वाली विभागीय पदोन्नति, तैनाती और सेवा मूल्यांकन के दौरान भी इस कार्रवाई को देखा जाएगा। विभाग के भीतर इसे बेहद कठोर प्रशासनिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि मानव संपदा पोर्टल पर प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज होने का असर अधिकारी के पूरे सेवा रिकॉर्ड पर पड़ सकता है। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि इस कार्रवाई को आगे बढ़ाने से पहले विभागीय मंत्री स्तर पर भी सहमति ले ली गई है, जिसके बाद अब मामले को लेकर शासन का रुख और अधिक सख्त माना जा रहा है।
आबकारी विभाग के भीतर चर्चा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब सभी की नजर शासन स्तर पर होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।




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