चेतावनी देकर वसूली के आरोप से बरी हुए जेजे प्रसाद:

प्रयागराज। आबकारी विभाग के विशेष सचिव दिव्य प्रकाश की मनमानी जारी है। मऊ में जिला आबकारी अधिकारी रहते हुए जेजे प्रसाद पर पोर्टल बंद कर लाइसेंसी लोगों से अवैध रूप से लाइसेंस फीस वसूलने के आरोप पत्र का सामना कर रहे थे जिसको मुबारक अली ने लेनदेन कर सलटा दिया । बताया जा रहा है कि इस गंभीर प्रकरण में सहायक आबकारी आयुक्त जे जे प्रसाद की सत्य निष्ठा संदिग्ध थी। आरोप गंभीर प्रकृति का था । ऐसे ही प्रकरण में आधा दर्जन से अधिक आबकारी निरीक्षक और सहायक आबकारी आयुक्त निलंबित हुए उनकी कई वेतन वृद्धि रोकी गई और उनकी पदोन्नति भी प्रभावित हुई लेकिन आबकारी विभाग में यदि आप सिंडिकेट यानी दिव्य प्रकाश गिरी के करीब हैं और पैसे का खेल खेलना जानते हैं तो सारे नियम कानून धरे के धरे रह जाएंगे।
इस संबंध में नवागत डिप्टी कार्मिक प्रभात चंद्र से बात करने की कोशिश हुई तो वह कुछ भी कहने में लाचार नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रकरण की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि सहायक आबकारी आयुक्त मुबारक अली उनको बाईपास पर तमाम मामलों में रिपोर्ट शासन को सीधे भेज रहे हैं और डिप्टी कार्मिक महज सफेद हाथी बनकर रह गए हैं।




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