दीपावली से रामनवमी तक अयोध्या में घोटाला ही घोटाला:

उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग
उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग में भ्रष्टाचार के समस्त रागों की जुगलबंदी खुलेआम गाई-बजाई जा रही है। राम और संस्कृति के नाम पर विभाग में जिस तरह से विगत पांच-छह सालों में अभूतपूर्व लूट हुई है, ऐसी “क्लासिकल लूट” इससे पहले कभी नहीं हुई। चंद हजार रूपए के वाद्य यंत्रों को हजारों रूपए में खरीदा गया और खरीद लाखों में नहीं करोड़ों रूपए की हुई। इस बात की जानकारी जब विभागीय मंत्री जयवीर सिंह को हुई तो उन्होंने विभागीय जांच के आदेश दिए। फिलहाल जांच तो शुरू हो गई लेकिन यदि यह जांच मंत्री जी द्वारा किसी बड़ी जांच एजेंसी के द्वारा कराई जाती तो बहुत बड़ा खुलासा होता।
दीपोत्सव से लेकर रामोत्सव तक के कार्यक्रमों में करोड़ों की “क्लासिकल और स्प्रिचुअल लूट” हुई है। मेरे हाथ जो प्रपत्र लगे हैं वह चौंकाने वाले हैं। वर्ष, 2024 में अयोध्या में एक बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम होता है और देश व प्रदेश से तमाम कलाकार बुलाए जाते हैं। यहां कलाकारों को बस अड्डे से लता मंगेशकर चौक लाने व ले जाने के लिए वाहनों की व्यस्तता की गई थी… लेकिन सारे वाहन कागजों पर दौड़े और उनके बिल बनाकर तैयार हैं…। ऐसे ही जिस होटल में 12-15 कमरे ही थे उसमें लगभग 150-150 कलाकारों को ठहरवा भी दिया गया और बिल तैयार हैं…यही हाल खाने के बिलों के साथ भी हुआ….पूरे संस्कृति विभाग में गजब का लूटात्मक सौंदर्य फैला हुआ है। विभागीय मंत्री जी अगर वाकई जांच और सजा चाहते हैं तो सर्वोच्च शिखर से लेकर नीचे तक सोंटा चलाना पड़ेगा।

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