
लाइसेंस बहाली के आदेश के बावजूद पालन नहीं, दो हफ्ते का अल्टीमेटम; 17 अप्रैल को पेशी के निर्देश
प्रयागराज/फतेहपुर | अवध भूमि न्यूज़
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लाइसेंसी की देशी शराब दुकान निरस्त किए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए फतेहपुर के जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके आदेश का पालन न करना गंभीर अवमानना है और संबंधित अधिकारी को इसके लिए जवाब देना होगा।
क्या है पूरा मामला?
याची संदीप सिंह की फतेहपुर के गेहरूखेड़ा स्थित देशी शराब दुकान का लाइसेंस वर्ष 2019 में निरीक्षण के दौरान QR कोड से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आधार पर निरस्त कर दिया गया था।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि:
आरोप समझौता योग्य (compoundable) हैं
13 जून 2018 के शासनादेश के अनुसार केवल जुर्माना लगाया जाना चाहिए था
लाइसेंस निरस्तीकरण कानून के विपरीत है
इसी आधार पर कोर्ट ने लाइसेंस बहाल/नवीनीकरण करने का निर्देश दिया। �
CAPL_2890_2025.pdf
⚠️ डीईओ का हलफनामा बना विवाद
मामले में डीईओ फतेहपुर ने अपने हलफनामे में कहा कि लाइसेंस का नवीनीकरण संभव नहीं है, जिस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई।
कोर्ट के अनुसार:
आदेश के खिलाफ कोई अपील दाखिल नहीं की गई
आदेश अभी भी प्रभावी है
इसलिए ऐसा रुख अवमाननापूर्ण माना जाएगा।
⚖️ हाईकोर्ट की सख्ती
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने:
2 सप्ताह में आदेश का पालन करने का निर्देश दिया
पालन न होने पर 17 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत पेशी के आदेश
अगली सुनवाई पर अवमानना के आरोप तय करने की चेतावनी
茶 बड़ा संदेश
यह मामला साफ संकेत देता है कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई तय है। प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट अब सीधे हस्तक्षेप के मूड में नजर आ रहा है।
(अवध भूमि न्यूज़)




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