
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश में कई मस्जिदों में मंदिर का दावा करने के बाद अप्रत्यक्ष रूप से योगी पर हमला बोल दिया है।
उन्होंने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद कुछ लोगों को लगता है की मस्जिद के अंदर मंदिर खोज कर वह हिंदुओं के नेता बन जाएंगे । उन्होंने कहा यह असली कार्य है और देश की एकता अखंडता और सद्भाव के लिए गंभीर खतरा है।
मोहन भागवत में कहा कि सदियों से हिंदू सद्भावना के लिए जाने जाते रहे हैं और यही हिंदुत्व की पहचान है। मोहन भागवत का बयान ऐसे समय में आया है जब योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ संभल सहित प्रदेश के कई स्थानों पर मस्जिद के अंदर मंदिर होने के दावे का समर्थन करते हुए सार्वजनिक बयान दे रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि योगी आदित्यनाथ का इस तरह का बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को नहीं पसंद आया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लगता है कि इस तरह का मुद्दा हिंदुओं के एक बड़े वर्ग को अब भाजपा से दूर ले जा रहा है। मोहन भागवत कैसे बयान से ऐसा लगता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नहीं चाहता है कि संघ की पहचान अराजक तत्वों के संगठन के रूप में हो। मोहन भागवत इसलिए भी चिंतित हैं कि पढ़े-लिखे लोगों का एक बड़ा वर्ग प्रतिदिन मस्जिद में मंदिर खोजने तथा इस नाम पर अराजकता और अशांति फैलाने के खिलाफ है और वह संघ से भी दूर जा रहा है। जब से यह मुद्दा उत्तर प्रदेश में ग्राम हुआ है तब से सॉन्ग की शाखों में लोगों की सहभागिता घटी है।
मोहन भागवत में इस बयान के जरिए योगी आदित्यनाथ को संदेश दिया है कि वह 2029 में प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों की रेस से भी दूर हो रहे हैं। फिलहाल संघ प्रमुख का यह बयान योगी आदित्यनाथ के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है। झटका इसलिए माना जा रहा है कि फिलहाल योगी आदित्यनाथ की कुर्सी पर जब-जब खतरा मंडराया है तब तब संघ खुलकर उनके समर्थन में आया है




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