जिला आबकारी अधिकारी की भूमिका सवालों के घेरे में:

आगरा। आगरा में बड़े पैमाने पर ओवर रेटिंग शराब तस्करी और बार में नंबर दो की शराब भरोसे जाने के बदले में बड़े पैमाने पर वसूली चल रही थी। इसका खुलासा उस समय हुआ जब आबकारी भवन में एक महिला सिपाही ने वसूली में अपना भी हिस्सा मांगा। सूत्रों का कहना है कि महिला सिपाही को इस बात का मलाल था कि इंस्पेक्टर और सहायक आबकारी आयुक्त सिपाहियों पर दबाव बनाकर वसूली करवाते हैं जिससे सिपाहियों की नौकरी हमेशा खतरे में रहती है लेकिन फिर भी वसूली गई रकम का एक भी हिस्सा सिपाहियों को नहीं दिया जाता। बताया जा रहा है कि इस बात को लेकर आबकारी भवन में हंगामा हो गया और जिला आबकारी अधिकारी के गरीबी एक इंस्पेक्टर और दीवान ने पीड़ित महिला सिपाही की पिटाई कर दी। हंगामा की खबर मीडिया में पहुंची और जंगल में फैली आग की तरह यह शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई इसके बाद प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद के निर्देश पर इस मामले की जांच शुरू हुई।
बड़े पैमाने पर होती है अवैध शराब की तस्करी:
पता चला है कि आगरा में ओवर रेटिंग प्रचलन में है। बार मे परोसी जाने वाली ब्रांडेड शराब हरियाणा और पंजाब से तस्करी करके लाया जाता है और यहां परोसा जाता है। इस अवैध कारोबार से प्रतिमा करोड़ों रुपए की वसूली होती है। वसूली प्रयास सिपाहियों से ही करवाई जाती है और इसी को लेकर यह सारा बवाल हुआ है।
रात में शराब ठेकों से ओवररेटिंग के नाम पर भी सिपाहियों की महीनेदारी बंधी है। इस खेल में अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। मंगलवार को दिनभर विभाग में हंगामा होता रहा। एक तरफ डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जांच के निर्देश दिए




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