कमिश्नर के नजदीकी कर रहे हैं गोपनीयता भंग:

लखनऊ। आबकारी विभाग की दुकानों के लिए चल रही लॉटरी सवालों के घेरे में आई है। किस दुकान पर कितने फॉर्म पढ़ रहे हैं और कौन सी दुकान पर फॉर्म नहीं पड़ रहा है अब इसकी कोई गोपनीयता नहीं है। आबकारी आयुक्त के करीबी टास्क फोर्स के अधिकारी कई दुकानदारों से कह रहे हैं कि अमुक अमुक दुकान पर फॉर्म नहीं आ रहा है आप लोग फॉर्म डालिए। सवाल या पैदा होता है कि क्या लॉटरी में गोपनीयता निष्पक्षता और पारदर्शिता का दवा केवल कागज पर सीमित है। अब तो आबकारी विभाग के कई अधिकारियों और निरीक्षक को भी या छूट दे दी गई है कि वह चाहे तो अपने नजदीकी के नाम ही फॉर्म डलवा दें। लॉटरी का ऐसा मजाक बनेगा किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। फिलहाल आज लॉटरी का आखिरी दिन है और देखना होगा कि तारीख आगे बढ़ती है या नहीं।




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