कई बैंकों को 45000 करोड रुपए का घाटा:

नई दिल्ली। सेबी की उदासीनता के चलते भारत के कई बैंक डूबने के कगार पर हैं। स्टेट बैंक समेत कई राष्ट्रीयकृत बैंकों से अदानी की कंपनियों ने जो लोन लिया था उसमें ज्यादातर को राइट ऑफ करने की वजह से लगभग 45000 करोड रुपए बैंकों के डूब गए हैं।
ये सारे सौदे पिछले उन वर्षों में ही हुए हैं जिनमें मोदीजी प्रधानमंत्री रहे । इन सौदों से देश के बैंकों का (परोक्ष रूप से आपका ) पैंतालीस हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा डूब गया और यह सब सिर्फ़ एक जेब में गया । उस जेब को जानते सब हैं पर नाम कुछ ही लोग लेते हैं क्योंकि कई बार इस कारण नाम लेने वाले पर देशद्रोह लग जाता है ।
सूचनाओं को बैंक इम्प्लाइज फेडरेशन वालों ने संकलित किया है और सार्वजनिक किया है ।
आपकी मर्ज़ी है चाहें तो इसे रद्दी की टोकरी में डाल दें और व्हाट्सएप पर आए मुसलमानों से नफ़रत करने के लिये आप तक पहुँचाए गए किसी व्हाट्सएप संदेश के विस्तार पर ध्यान लगाएं!
बाक़ी, बैंकों की किताबों में यह गुनाह या तो राइट आफ हो चुके होंगे या हो जाएँगे पर इनका हर्जाना न जानते हुए / न चाहते हुए भी GST के ज़रिए आपकी जेब से हर सौदे में कटता रहेगा!




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