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अब आधार कार्ड नहीं चलेगा जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में: योगी सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश
नियोजन विभाग का बड़ा आदेश — सभी सरकारी विभागों में लागू होगा नया नियम
लखनऊ/अवधभूमि संवाददाता।
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि आधार कार्ड को अब जन्मतिथि (DOB) के आधिकारिक प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियोजन विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि आधार में दर्ज जन्मतिथि “सत्यापित नहीं होती”, इसलिए इसे सरकारी दस्तावेज़ मानना नियमों के अनुरूप नहीं है।
नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और राज्य के सभी विभागों को इसे सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
▶ क्यों लिया गया यह फैसला?
अवधभूमि की पड़ताल में सामने आए अहम बिंदु:
- आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि स्वयं घोषित होती है, UIDAI इसका डॉक्यूमेंटरी वेरिफिकेशन नहीं करता।
- गलत DOB दर्ज कर कई लाभ लिए जाने की शिकायतें बढ़ी थीं—नौकरी, पेंशन व आयु आधारित योजनाओं में।
- कई विभागों ने पाया कि आधार के आधार पर आयु प्रमाणित करने में विसंगतियाँ सामने आ रही हैं।
- केंद्र स्तर पर भी कई बार कहा गया है कि आधार पहचान पत्र है, जन्म प्रमाण पत्र नहीं।
▶ अब जन्मतिथि साबित करने के लिए मान्य दस्तावेज़ कौन से होंगे?
सरकार ने वैकल्पिक प्रमाण पत्रों की सूची भी तय कर दी है:
- नगर निगम/अस्पताल द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
- हाईस्कूल मार्कशीट / स्कूल रजिस्टर / TC
- पासपोर्ट
- सरकारी विभाग द्वारा सत्यापित आयु प्रमाणपत्र
स्पष्ट है—आधार अब सिर्फ पहचान पत्र के रूप में ही माना जाएगा।
▶ किन लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?
- सरकारी नौकरी के अभ्यर्थी
- पेंशन योजनाओं के पात्र
- आयु आधारित सरकारी लाभ लेने वाले
- स्कूली प्रवेश, लाइसेंस और अन्य प्रमाणपत्र हेतु DOB दिखाने वाले
- वे लोग जिनकी DOB आधार और वास्तविक दस्तावेज़ों में अलग-अलग है
अब सभी प्रक्रियाओं में कठोर आयु सत्यापन अनिवार्य होगा।
▶ अवधभूमि विश्लेषण: व्यवस्था सुदृढ़ होगी, फर्जी DOB पर लगेगी रोक
पिछले वर्षों में गलत DOB जोड़कर लाभ लेने के कई मामले उजागर हुए थे। सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और फर्जी आयु प्रविष्टियों को रोकने के लिए यह कदम जरूरी और समयोचित माना जा रहा है।




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