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ब्रेकिंग न्यूज़ | यूपी आबकारी विभाग में बड़ा फेरबदल:

उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग में तबादलों का बड़ा आदेश जारी हुआ है। आबकारी आयुक्त कार्यालय, प्रयागराज द्वारा जारी आदेश में समूह ‘ख’ के 37 सहायक आबकारी आयुक्तों और जिला आबकारी अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से तबादले कर दिए गए हैं। विभागीय तबादला नीति 2026-27 के तहत जारी इस सूची में कई जिलों और प्रवर्तन इकाइयों में बड़े बदलाव किए गए हैं।

प्रमुख तबादलों में संभल के जिला आबकारी अधिकारी अनुपम राजन को प्रवर्तन-1 कानपुर भेजा गया है, जबकि भदोही के अरुण कुमार शुक्ला को सीतापुर स्थित नीलग्रीन आसवनी में सहायक आबकारी आयुक्त बनाया गया है। देवरिया के अनिल कुमार भारती को औरैया का जिला आबकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।

गोरखपुर के जिला आबकारी अधिकारी महेंद्रनाथ सिंह को टास्क फोर्स मुख्यालय में तैनाती मिली है। हापुड़ के प्रकाश सिंह को श्रावस्ती भेजा गया है, जबकि गोण्डा प्रवर्तन-1 में तैनात राजेश कुमार यादव को मुजफ्फरनगर की क्रिस्टल बालाजी इंडस्ट्रीज आसवनी भेजा गया है।

औरैया के सुरेंद्र कुमार अब ललितपुर के जिला आबकारी अधिकारी होंगे। चंदौली के सुभाष चंद्र को इटावा भेजा गया है। बहराइच के सुधांशु सिंह को मुख्यालय में लाइसेंसिंग अनुभाग की जिम्मेदारी दी गई है। ललितपुर के विजय सिद्धांत को सिद्धार्थनगर और सिद्धार्थनगर के वीर अभिमन्यु कुमार को बहराइच भेजा गया है।

इटावा के विजय पाल सिंह को पीलीभीत, जबकि हापुड़ स्थित सिम्भावली आसवनी में तैनात संजीव कुमार सिंह को मथुरा की एलायंस डिस्टिलरी भेजा गया है। प्रयागराज प्रवर्तन-1 के सुनील कुमार तृतीय को मिर्जापुर की बजरंग देव आसवनी में तैनाती मिली है।

अयोध्या के सुरेश चंद्र मिश्रा को देवरिया का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है। मुख्यालय ईआईबी में तैनात वीरेश्वर सिंह को मेरठ स्थित आरसीवी डिस्टिलरीज इंडिया प्रा. लि. भेजा गया है। लाइसेंसिंग मुख्यालय में तैनात अरविंद मौर्य को गोरखपुर का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है।

मुख्यालय ईआईबी के अरविंद कुमार सोनकर को सहारनपुर प्रवर्तन-4 में तैनाती मिली है। सीतापुर की नीलग्रीन आसवनी में तैनात अपर्णा त्रिवेदी को बाराबंकी स्थित वैरागी ब्रेवरीज भेजा गया है। बिजनौर की स्नेहरोड आसवनी में तैनात अर्चना पाण्डेय को मुरादाबाद स्थित मेहराना शुगर डिस्टिलरी डिवीजन भेजा गया है।

बिजनौर के जिला आबकारी अधिकारी वरुण कुमार को आगरा प्रवर्तन-4 भेजा गया है। झांसी प्रवर्तन-1 के संजय कुमार विद्यार्थी अब संभल के जिला आबकारी अधिकारी होंगे। त्रिवेणी आसवनी मुजफ्फरनगर में तैनात डॉ. निरंकार नाथ पाण्डेय को अयोध्या का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है।

सहारनपुर प्रवर्तन-4 के नीरज त्रिवेदी को प्रयागराज प्रवर्तन-1 भेजा गया है। अयोध्या प्रवर्तन-2 के धर्मेंद्र वर्मा को सुल्तानपुर का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है। पीलीभीत के कल्पनाथ रजक को सीतापुर स्थित डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज आसवनी भेजा गया है।

बदायूं के विजय सिंह चौहान को अयोध्या प्रवर्तन-2 में तैनाती मिली है। सहारनपुर प्रवर्तन-2 के हरिशंकर शुक्ला को बदायूं का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है। मेरठ प्रवर्तन-5 के शिशुपाल को मोदी आसवनी मोदीनगर भेजा गया है।

अलीगढ़ प्रवर्तन-3 के राजेश कुमार द्वितीय को हापुड़ का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है। मोदी आसवनी में तैनात अभिमन्यु प्रताप सिंह को सहारनपुर प्रवर्तन-2 भेजा गया है। मुजफ्फरनगर के जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह को बिजनौर भेजा गया है।

गाजियाबाद स्थित मोहन मीकिन्स आसवनी में तैनात रवि शंकर द्वितीय को मुजफ्फरनगर का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है। अलीगढ़ प्रवर्तन-2 के अशोक कुमार प्रथम को त्रिवेणी आसवनी मुजफ्फरनगर भेजा गया है। शाहजहांपुर की वाईटीटी इंडस्ट्रीज में तैनात मुकेश कुमार शर्मा को भदोही का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है।

श्रावस्ती में तैनात घनश्याम मिश्रा को चंदौली भेजा गया है, जबकि गोरखपुर प्रवर्तन-1 के कृष्ण प्रताप सिंह को अलीगढ़ प्रवर्तन-2 में नई जिम्मेदारी दी गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

कौन सा ट्रांसफर विवादों में:

सूत्रों के अनुसार डॉ. निरंकार नाथ पांडेय का तबादला सबसे ज्यादा चर्चा में है। पिछले वर्ष ही प्रोन्नति के बाद उनकी तैनाती मुजफ्फरनगर स्थित त्रिवेणी डिस्टिलरी में सहायक आबकारी आयुक्त के पद पर की गई थी। सामान्य तौर पर ऐसी तैनाती में न्यूनतम कार्यकाल पूरा होने से पहले स्थानांतरण नहीं किया जाता, जबकि डॉ. पांडेय का अभी लगभग दो वर्ष का कार्यकाल शेष बताया जा रहा है। इसके बावजूद उन्हें अयोध्या में जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) के पद पर तैनात कर दिया गया। विभाग के अंदर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किस विशेष आधार पर उन्हें समय से पहले हटाया गया। आबकारी महकमे में उन्हें लंबे समय से “कमिश्नर के मैनेजर” के रूप में देखा जाता रहा है, इसलिए इस आदेश को लेकर अंदरखाने कई तरह की चर्चाएं तेज हैं।

नियमों के अनुसार यदि किसी अधिकारी का निर्धारित कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है, तो सामान्य परिस्थितियों में उसका तबादला केवल विशेष प्रशासनिक आवश्यकता, शिकायत, अनुशासनात्मक कारण या जनहित के स्पष्ट आधार पर ही किया जाता है। ऐसे मामलों में प्रायः शासन स्तर से कारण दर्ज होना चाहिए। लेकिन जारी आदेश में डॉ. निरंकार नाथ पांडेय के तबादले का कोई विशेष कारण उल्लेखित नहीं है। यही वजह है कि विभागीय हलकों में इस ट्रांसफर को लेकर पारदर्शिता, चयनात्मक कार्रवाई और प्रभावशाली अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक बिजनौर के जिला आबकारी अधिकारी वरुण कुमार का तबादला भी विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। वरुण कुमार को प्रमुख सचिव आबकारी का बेहद करीबी अधिकारी माना जाता था और विभागीय हलकों में उन्हें प्रमुख सचिव का “खास सिपहसालार” कहा जाता रहा है। इसके बावजूद उन्हें बिजनौर जैसे महत्वपूर्ण जिले से हटाकर आगरा प्रवर्तन-4 भेज दिया गया। अब विभाग में चर्चा है कि आबकारी कमिश्नर ने अपनी “सेटिंग-गेटिंग” और आंतरिक शक्ति संतुलन के जरिए उनका “पर कतर” दिया। वहीं कुछ अधिकारी यह भी मान रहे हैं कि मंत्री स्तर की अनदेखी और राजनीतिक समीकरणों को कमतर आंकना उनके लिए भारी पड़ गया।

महकमे में यह सवाल भी उठ रहा है कि जिन अधिकारियों को अब तक मजबूत लॉबी का संरक्षण प्राप्त माना जाता था, आखिर अचानक उनके प्रभाव में कमी कैसे आ गई। यही कारण है कि इस तबादला सूची को केवल प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि विभाग के भीतर चल रहे शक्ति संघर्ष और खेमेबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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