
नई दिल्ली। जो काम दुनिया के सशक्त रूस और अमेरिका की फोर्स भी करने से पहले कई बार सोचती है उसे जटिल और दुर्गम काम को हमारी दो बेटियों ने बिल्कुल सटीकता के साथ अंजाम देकर विश्व पटल पर छा गई है।
जी हां हम बात कर रहे हैं लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर वव्यौमिका सिंह की। हमारी सेवा के कुशल नेतृत्व ने इस चुनौती पूर्ण ऑपरेशन के लिए जब व्यौमिका सिंह और सोफिया कुरैशी का चयन किया तो उन्होंने भारतीय सेन को गर्व से भर दिया मात्र 27 मिनट में ही ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर पाकिस्तान के आतंकी और उनके सरगना को खून के आंसू रोने पर विवश कर दिया। ना किसी नुकसान के सत प्रतिशत सटीकता के साथ यह ऑपरेशन अंजाम तक पहुंचा।
मुजफ्फराबाद जहां सबसे ज्यादा तबाही हुई यह टारगेट खुद सोफिया कुरैशी ने हिट किया और अंजाम दिया। जिस मदरसे में मसूद अजहर जैसे खतरनाक आतंकी अपने परिवार के साथ रहा करते थे उसे सोफिया कुरेशी टारगेट किया है । सोफिया कुरैशी ने 1999 में इंडियन फोर्स जॉइन की जबकि 2002 में कमीशन प्राप्त किया वहीं व्यौमिका सिंह ने 2000 में एयरफोर्स जॉइन की और करीब 25000 से ज्यादा घंटे जटिल उड़ानों का अनुभव है।व्यौमिका कई ऑपरेशन में भी हिस्सा ले चुकी है। कुल मिलाकर हमारी बेटियों ने पाकिस्तान को छठी का दूध याद दिला दिया।




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