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जॉइंट ईआइवी जैनेंद्र उपाध्याय की खुल गई चार्ज शीट: शासन ने शुरू कराई गोपनीय जांच:

लखनऊ। जॉइंट आबकारी आयुक्त विजिलेंस जैनेंद्र उपाध्याय के काले कारनामों का हिसाब किताब शुरू होने वाला है।

मिली सूचना के मुताबिक जनपद सहारनपुर के टपरी स्थित कोऑपरेटिव शराब फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुल्क चोरी मामले की शासन ने गोपनीय जांच शुरू करवाई है। 8 सितंबर 2023 को शासन की ओर से अनुसूचिव राकेश सचान ने आबकारी मुख्यालय में एक पत्र लिखा और टापरी में स्थित शराब फैक्ट्री से बड़े पैमाने पर हुए उत्पादन शुल्क की चोरी के लिए जिम्मेदार पर्यवेक्षणी अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण मांगा है। बता दें कि उसे समय जैनेंद्र उपाध्याय लखनऊ के डिप्टी एक्साइज कमिश्नर थे और टपरी की कोऑपरेटिव शराब फैक्ट्री की बिना एक्साइज ड्यूटी वाली शराब यहीं पर बेची जा रही थी जो पकड़ी गई थी पर्यवेक्षणी अधिकारी होने के नाते जैनेंद्र उपाध्याय समेत सभी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी थी लेकिन संजय भूसा रेड्डी से अपनी नजदीकी के चलते जैनेंद्र उपाध्याय बच गए थे लेकिन एक बार फिर अब यह चार्ज शीट खुली है और उसमें उन सभी जिलों के पर्यवेक्षणीय अधिकारी को दोषी माना गया है जिनके यहां टपरी डिस्टलरी का शराब पकड़ा गया है।

उन्नाव में पकड़ा गया था टपरी का अवैध शराब

मिली जानकारी के मुताबिक टापरी में जिस कोऑपरेटिव शराब फैक्ट्री से अवैध शराब का उत्पादन और भंडारण हो रहा था उसका माल उन्नाव के मेसर्स अजय जायसवाल सीएल 2 से बड़ी मात्रा में बरामद हुआ था। शासन ने इसको लेकर पर्यवेक्षण अधिकारी जॉइंट डिप्टी जिला आबकारी अधिकारी और सहायक आबकारी आयुक्त सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारी की तय की गई जवाब दे ही और उनके खिलाफ की गई कार्यवाही का विवरण मांगा है।

संभल और बदायूं में मयूर आहूजा के गोदाम से टपरी की अवैध शराब बरामद हुई थी जबकि कानपुर और उन्नाव में अजय जायसवाल के cl2 से बड़ी मात्रा में टपरी की अवैध शराब बरामद हुई थी। इतना ही नहीं जौनपुर से भी टपरी की अवैध शराब मिली थी जिसकी वजह से आबकारी विभाग को करोड़ों रुपए का राजस्व क्षति हुआ था।

शासन का पत्र जैनेंद्र उपाध्याय के पास नहीं कर रहे कार्रवाई

8 सितंबर 2023 को शासन के उप सचिव राकेश सचान द्वारा जारी इस पत्र को जॉइंट विजिलेंस जैनेंद्र उपाध्याय ने दबा कर रखा है इसके पीछे कारण या हो सकता है कि अगर इस पर कार्रवाई होगी तो वह स्वयं इसकी जद में आने वाले हैं। कार्रवाई से बचने के लिए वह स्वयं इस पत्र को संज्ञान में नहीं ले रहे हैं लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही प्रमुख सचिव इस मामले में बड़ी कार्रवाई कर सकती हैं।

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