
लखनऊ। खुली मीटिंग में कड़ी चेतावनी के बावजूद सहायक आबकारी आयुक्त गाजियाबाद और डिप्टी एक्साइज कमिश्नर मेरठ की मिली भगत से शराब तस्करों का खेल जारी है। हालात इतने खराब है कि रात 7:00 से पूरे जिले में खुलेआम ओवर रेटिंग का खेल जारी हो जाता है और लोग कहते हैं कि यह तो काफी समय से जारी है। पता चला है कि इस परंपरा की शुरुआत वर्तमान में डिप्टी एक्साइज कमिश्नर मेरठ और पूर्व में सहायक आबकारी आयुक्त गाजियाबाद रह चुके राकेश सिंह ने रखी। पंजाबी चर्चा है कि राकेश सिंह के हरियाणा के बड़े शराब तस्करों से संबंध है और राकेश सिंह के जरिए ही सहायक आबकारी आयुक्त संजय कुमार प्रथम का भी दिल्ली से संबंध स्थापित हो गया है। फिलहाल गाजियाबाद और नोएडा में शाम 7:00 बजे के बाद खुलेआम ओवर रेटिंग हो रही है और पूरे जिले में देसी विदेशी शराब की जमकर तस्करी हो रही है जिसकी वजह से प्रतिदिन विभाग को एक से पांच करोड रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस बात की जानकारी प्रमुख सचिव को हो गई है और वह काफी नाराज है लेकिन उनकी नाराजगी के बावजूद दोनों अधिकारियों पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। प्रमुख सचिव की सहायक अधिकारी आयुक्त गाजियाबाद संजय कुमार सिंह प्रथम को चेतावनी देने के अगले दिन गाजियाबाद पहुंच गए जहां बिना वर्दी के सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय में मीटिंग की थी और यह मीटिंग कम बल्कि सेलिब्रेशन पार्टी ज्यादा दिखाई दे रही थी। इस मीटिंग में कोई भी इंस्पेक्टर सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन और सहायक आबकारी आयुक्त गाजियाबाद स्वयं डिप्टी एक्साइज कमिश्नर मेरठ बिना किसी वर्दी के थे और खाने पीने का दौर चला और सब अपने-अपने घर चले गए मतलब प्रमुख सचिव की इस जिले में शराब तस्करी को लेकर जो चिंता थी वह इन दोनों अधिकारियों बल्कि किसी भी अधिकारी के चेहरे पर दिखाई नहीं दी।




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