ट्रांसफर पोस्टिंग में धांधली पर हाई कोर्ट सख्त

प्रयागराज। आबकारी मुख्यालय में ट्रांसफर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार को लेकर हाईकोर्ट बेहद सख्त रुख अपना लिया है। विभाग में लक्ष्मी सिंह नाम की एक महिला सिपाही की नियम विरुद्ध ट्रांसफर को लेकर हाईकोर्ट ने आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह को व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया है। आबकारी आयुक्त की छवि वैसे ही दागदार मानी जाती है लेकिन इस बीच उनके मुख्यालय में ऐसे इंस्पेक्टर की तैनाती हुई है जो 12 वर्षों से ट्रांसफर ही नहीं किया गया और कमिश्नर की नाक का बाल बना हुआ है इस इंस्पेक्टर की वजह से आबकारी आयुक्त को अब हाई कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से तलब होना पड़ रहा है। प्रसेन राय नाम का इंस्पेक्टर आबकारी आयुक्त के नाम पर खुले आम वसूली कर रहा है शिकायत और जानकारी होने के बावजूद आबकारी आयुक्त खामोश है।

अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे
आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह बुरे फंस गए हैं। महिला आबकारी सिपाही लक्ष्मी सिंह ने मनमाने ट्रांसफर के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की तो एरोगेंट कमिश्नर ने उनके खिलाफ अभियोग पत्र तैयार करने का आदेश दे दिया जैसे ही यह अभियोग पत्र आबकारी महिला सिपाही लक्ष्मी सिंह को मिला उन्होंने इस अभियोग पत्र को कोर्ट की अवमानना बताते हुए अदालत में प्रस्तुत कर दिया जिस पर नाराज हाईकोर्ट ने आदर्श सिंह को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दे दिया। हाई कोर्ट ने अपने संबंध में आबकारी आयुक्त को घमंडी कहा है यह उनके कैरेक्टर पर बदनुमा दाग जैसा है।
मानव संपदा पोर्टल से ट्रांसफर पोस्टिंग से परहेज
आबकारी आयुक्त और उनके करीबी बाबू और इंस्पेक्टर मानव संपदा पोर्टल से किसी प्रकार के ट्रांसफर पोस्टिंग से परहेज करते हैं। ऐसा केवल मनमानी उगाही के लिए किया जा रहा है। आने वाले समय में बाबू से इंस्पेक्टर के लिए विभागीय प्रोन्नति होनी है जिसके लिए प्रसेन राय नाम का इंस्पेक्टर जो की कार्मिक में तैनात है उसकी तरफ से वसूली की जा रही है वह भी आबकारी आयुक्त के नाम पर।




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