
लखनऊ। पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश ने भाजपा में शामिल होने के बाद खुलासा किया है कि उन्होंने खुद मुख्तार और अतीक के लिए काम किया है । उन्होंने कहा कि प्रेशर में ऐसा करना पड़ता था। प्रेम प्रकाश ने कहा कि इन पर कार्रवाई के बजाय इनकी बात मानना पड़ता था।
प्रेम प्रकाश के इस खुलासे के बाद यह भी जांच करना अब जरूरी हो गया है कि ऐसे अधिकारियों ने कौन-कौन से काम मुख्तार और अतीक के लिए किया। दूसरा सबसे बड़ा सवाल यह पैदा हो गया है कि प्रेम प्रकाश जैसे लोगों में जिन्हें महक में का सबसे ईमानदार और दबंग व्यक्ति माना गया था वह लोग भी माफिया के लिए काम करते थे माफिया का कहना मानते थे यह मना भी कर सकते थे लेकिन कुर्सी की मलाई के लिए इन लोगों ने अपने जमीर से समझौता किया और टिक तथा मुख्तार के ना रहने पर वह भीतर जब भाजपा ज्वाइन कर लिए इस तरह की बातें कर रहे हैं जिससे यह स्वयं भी सवालों के घेरे में आ गए हैं।




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