
🛑 🛑
प्रतापगढ़।
जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलकर चेक थमा देने और बाद में वह चेक बाउंस करा देने वाले कथित भूमाफिया रामजी उमरवैश्य आखिरकार कानून के शिकंजे में फंस गए।
अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन शांतनु सिंह की अदालत ने शुक्रवार को रामजी उमरवैश्य को चेक बाउंस मामले में दोषी मानते हुए एक वर्ष का साधारण कारावास और तीन लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
मामला क्या है?
नगर कोतवाली के चिलबिला माधोगंज की रहने वाली बिंदु देवी ने कोर्ट में वाद दायर कर बताया कि रामजी उमरवैश्य ने 18 अगस्त 2017 को उससे दो लाख रुपये उधार लिए थे। छह महीने तक रकम वापस न करने पर दबाव डालने पर उसने 28 फरवरी 2018 को कचहरी रोड स्थित एक बैंक का चेक दिया।
लेकिन जब 15 मार्च 2018 को वह चेक बैंक में लगाया गया तो ‘अपर्याप्त धनराशि’ बताकर बाउंस हो गया। पीड़िता ने 30 मार्च 2018 को विधिक नोटिस भी भेजा, परंतु आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया। मामला कोर्ट पहुंचा और सुनवाई के बाद सजा सुनाई गई।
रामजी की चालबाजी का लंबा खेल
रामजी उमरवैश्य पर यह पहला आरोप नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह लंबे समय से जमीन की डीलिंग के नाम पर लोगों से पैसा लेकर बैंक चेक थमाता है, और फिर जानबूझकर उन्हें बाउंस करा देता है। हाल ही में भी एक अन्य मामले में कोर्ट ने उसे एक वर्ष की सजा सुनाई थी।
वादिनी की तरफ से पैरवी
इस केस की पैरवी एडवोकेट घनश्याम, अरविंद शुक्ला और अजय एडवोकेट ने की। कोर्ट का फैसला आते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई है और पीड़ितों में उम्मीद जगी है कि रामजी की ठगी पर अब लगाम कस सकेगी।
⚡ सवाल यह है कि क्या प्रशासन और पुलिस अब ऐसे भूमाफियाओं पर बड़ी कार्रवाई करेगी या लोग इसी तरह चेक बाउंस के झांसे में फंसते रहेंगे?




More Stories
12 साल की सेवा के बाद आबकारी निरीक्षक बन सकेंगे जिला आबकारी अधिकारी, कैबिनेट ने दी मंजूरी:
जनता पर बोझ बन गई है मौजूदा सरकार : प्रमोद तिवारी
अवध भूमि न्यूज़ की खबर का बड़ा असर: निरीक्षक इकबाल खान का ट्रांसफर रद्द, लेकिन अमित अग्रवाल पर सवाल अभी बरकरार: