
प्रयागराज/लखनऊ। आबकारी विभाग में निरीक्षकों के तबादलों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक स्पाउस ग्राउंड पर किए गए कई तबादले जांच के दायरे में आ गए हैं। एचआरएमएस कोड के मिलान में कई चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आने का दावा किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि कुछ मामलों में पति-पत्नी के आधार पर तबादला लेने के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। यहां तक कि कथित रूप से फर्जी पति-पत्नी दर्शाकर लाभ लेने का मामला भी सामने आया है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद कमिश्नर ने कड़ा रुख अपनाया है। बताया जा रहा है कि दो निरीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि कई अन्य तबादले भी जांच के घेरे में हैं। विभाग के भीतर इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार एक ऐसी निरीक्षक की पोस्टिंग भी सवालों के घेरे में है, जिस पर पूर्व में मेजर पनिशमेंट की कार्रवाई हो चुकी है। चर्चा है कि कमिश्नर के मूल्यांकन में प्राप्त 25 अंकों के आधार पर मिली पोस्टिंग की भी पड़ताल हो रही है।
वर्तमान में अयोध्या में तैनात तथा पूर्व में धार्मिक क्षेत्र में तैनात रहे एक सहायक आबकारी आयुक्त की भूमिका को लेकर भी विभागीय गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। तबादला प्रक्रिया में उनकी कथित भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और नाम सामने आ सकते हैं। विभाग में यह चर्चा जोरों पर है कि कमिश्नर जल्द ही कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
आबकारी विभाग के तबादला प्रकरण ने अब बड़ा प्रशासनिक और विभागीय मुद्दा बनना शुरू कर दिया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




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