
नई दिल्ली। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में 13 जनवरी 2025 को इस बात की पुष्टि की है कि लद्दाख का लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र चीन के कब्जे में है।
मार्च 2024 में इसी विषय पर दायर की गई एक अन्य आरटीआई के जवाब में विदेश मंत्रालय ने 3 अप्रैल 2024 को कहा था कि लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है और यह तथ्य चीनी अधिकारियों को बताया गया है।
आरटीआई में दोनों बार पूछा गया था कि चीन द्वारा अवैध कब्जे को हटाने के लिए सरकार ने क्या कार्रवाई की है, जिसके जवाब में सरकार ने कहा कि लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है। यह जानकारी अप्रैल 2024 और जनवरी 2025 के बीच चीन को सूचित की गई !
हालाँकि 38,000 वर्ग किलोमीटर भूमि चीन के कब्जे में बनी हुई है लेकिन हमारी सरकार इस संबंध में चीन को साल में एक बार यह सूचित करने तक सीमित है कि लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है!
मार्च 2024 में विदेश मंत्रालय द्वारा दिया गया एक आरटीआई का जवाब:

विपक्ष लगातार उठाता रहा है सवाल:
अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में चीन की घुसपैठ का मुद्दा विपक्ष लगातार उठाता रहा है लेकिन केंद्र सरकार लगातार इसे झूठलाती रही है ऐसे में विदेश मंत्रालय द्वारा लद्दाख में 38000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लेने के बाद केंद्र सरकार खुद सवालों में घिर गई है।




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