
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में जिसकी लापरवाही वह साट गांठ से चाइल्ड केयर होम में बच्चों के साथ मारपीट उत्पीड़न और क्रूरता हुई। बच्चों की मौत हुई इसको लेकर प्रयागराज उच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रैटिल जांच के आदेश दिए। इस घटना के लिए पुनीत कुमार भी सवालों के घेरे में रहे इस पुनीत कुमार पर महिला एवं बाल विकास विभाग मेहरबान है। मिली जानकारी के मुताबिक कई विधायक और मंत्रियों की गंभीर शिकायत के बाद पुनीत कुमार को मुख्यालय से हटाया गया तथा सुदूर मेरठ मंडल में मुख्य परिवीक्षा अधिकारी का चार्ज दिया गया इसी पुनीत मिश्रा पर अभी हाल ही में लाखों की संख्या में कंप्यूटर खरीद में करोड़ो का घपला करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है की मार्केट में जो डेस्कटॉप आसानी से 40 से 50000 में उपलब्ध है वही कंप्यूटर कंपनियों से मिली भगत करके चार से पांच लाख रुपए तक में खरीदा गया है यह भी कहा जा रहा है कि टेंडर निविदा में 1GB रैम का अनुबंध था जो नहीं दिया गया कंप्यूटर की क्वालिटी भी घटिया बताई जा रही है। इस खेल में डायरेक्टर और विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारियों के बीच शामिल होने की संभावना जताई जा रही है सब कुछ विभागीय मंत्री की जानकारी में है लेकिन वह खामोश है। कहां जा रहा है कि पुनीत कुमार के ट्रांसफर की बाकायदा बोली लगाई गई और सबसे ऊंची बोली लगाकर पुनीत मिश्रा ने न केवल मेरठ मंडल बल्कि कानपुर भी हथिया लिया। यह बात लोगों के गले नहीं उतर रही है कि कानपुर और मेरठ के बीच लगभग 500 किलोमीटर की दूरी है ऐसे में एडिशनल चार्ज के तौर पर कानपुर क्यों दिया गया क्या यहां भी कोई खेल होना बाकी है फिलहाल पुनीत कुमार के ट्रांसफर और उसकी अंदर की कहानी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।





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