
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आमने-सामने बहस को तैयार हो गए राहुल
नई दिल्ली। तेलंगाना की अपनी एक रैली में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि यह मुकाबला प्रधानमंत्री मोदी और विपक्ष की ओर से राहुल गांधी के बीच है और जनता को दोनों में से किसी एक को चुनना पड़ेगा। इस बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश समेत कई बुद्धिजीवियों ने दोनों गठबंधन के प्रमुख नेता नरेंद्र मोदी और राहुल के बीच दक्षता भाषण करने का प्रस्ताव रखा इस प्रस्ताव को राहुल गांधी ने स्वीकार कर लिया लेकिन भाजपा की ओर से अभी तक कोई जवाब सामने नहीं आया। राहुल गांधी की चुनौती स्वीकार न करने के लिए अव्स सोशल मीडिया पर बीजेपी को और प्रधानमंत्री को भी ट्रोल किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी आमने-सामने बहस करें तो उन्हें उनके नागरियों को समझने में आसानी होगी और वह अपना मत भी आसानी से निर्धारित कर पाएंगे।
क्यों पीछे हट गई बीजेपी
माना जा रहा है कि लंदन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट राहुल गांधी की आर्थिक विदेश नीति सहित तमाम विषयों पर न केवल पकड़ है बल्कि वह अपने सटीक तर्कों से प्रधानमंत्री को निरंतर भी कर सकते हैं। इससे पहले भी राहुल गांधी देश दुनिया के कई जाने-माने अर्थशास्त्रियों का इंटरव्यू कर चुके हैं। संविधान और राजनीति पर भी उनकी पकड़ काफी मजबूत मानी जा रही है। ठीक चुनाव से पहले इस बहस में यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हल्के पड़ गए तो पूरे चुनाव पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा यही वजह है कि बीजेपी राहुल गांधी से बहस करने से सीधे-सीधे बच रही है।




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